औसतन योनि की गहराई

 ब्रिटिश जर्नल ऑफ़ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी के एक अध्ययन ने बताया कि एक योनि की औसत गहराई 3.77 इंच (9.6 सेमी) है! वाह, यह हमारी अपेक्षा से कम है, है ना?

कुछ अध्ययनों से पता चला है की यह 3.7 इंच से लेकर 7 इंच तक गहरी हो सकती है।

अब इसमें परेशान होने की बात नही है क्यों कि योनि अपने आप को 200% बड़ा कर सकती है। इसका कारण ये है की प्रसव के वक्त शिशु बाहर आ सके। लेकिन इसका मतलब ये नही है कि लिंग बडा ही होना चाहिए।

निम्न चित्र में देखें : 

महिला को संतुष्टि 2 प्रकार से मिलती है एक क्लिटरिस की उत्तेजना से और दूसरी भगनासा की उत्तेजना से। क्लिटोरिस यह बाहर योनिमुख पे स्थित होता है और भगनासा योनि के अंदर। योनि की आंतरिक परत जिसको उंगली स्पर्श कर रही है वो काफी संवेदनशील होती है। और इस को स्पर्श करने के लिए छोटे से छोटा लिंग भी पर्याप्त है। कई बार ऐसा भी पाया गया है कि ज्यादा बड़ा लिंग दर्द देता है। महिलाएं औसत लिंग को पसंद करती है। लेकिन अगर लिंग ज्यादा पतला है तो योनि के अन्तरपटल में उतना घर्षण नही उत्पन्न कर पायेगा जितना चाहिए।
दूसरी बात यह भावनात्मक रिश्ता होता है, भारत मे मर्यादा का पालन कर के जब किसी को कुछ मिलता है तब उसमें भावनाये जुड़ी होती है। तो इस मामले में भावनाएं भी अपना महत्वपूर्ण रोल अदा करती है। तो अधिकतर मामलों में लिंग की लंबाई और मोटाई ज्यादा प्रभाव नही डालती है। छोटे लिंग से भी मजा दिया जा सकता है और गर्भधारण कराई जा सकती है।
रतिक्रिया जिसे हम फॉरप्ले या ओरल सेक्स के नाम से जानते है, फॉरप्ले अगर आप देखें तो यह संभोग से भी कई गुना ज्यादा सुख प्रदान करता है। फॉरप्ले से संभोग के लिए आप अपने साथी को तैयार होने में मदद करता है। अगर आप फोरप्ले अच्छा कर रहे है तो समझिए आप ने आधी बाजी मार ली है और जो बची है वो तो आप जानते है क्या मारनी है।



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